LST Shop

कानून कम्पनियां
view in English

यह कम्पनियां अंग्रेजी में लॉ फर्म्स कहलाती हैं और यह बेहतरीन वकीलों के संयुक्त प्रयास का फल होती हैं । इस कम्पनी के विभिन्न वकील अपनी-अपनी सुविज्ञता से कम्पनी को आगे बढ़ाते हैं । कम्पनी के पार्टनर फायदे व नुकसान आपस में बांटते हैं और अन्य सहायक वकीलों को भी कम्पनी में कार्य देते हैं । यह सहायक वकील अपनी लगन एवं चतुराई के कारण पार्टनर भी बन सकते हैं । यह कम्पनियाँ बड़ी-बड़ी व्यापार कम्पनियों एवं साधारण व्यक्तियों, सभी को अपनी सेवाएँ प्रदान करती हैं । ऐसी कम्पनियों में सामान्यत: कार्य करने वाले वकिल को भिन्न-भिन्न प्रकार के क्षेत्रों के मसलों का हल ढूंढना होता है ।

अधिकांश कम्पनियों में मुकदमेबाजी के लिए अलग विभाग एवं कम्पनियों को सलाह देने के लिए अलग कार्पोरेट विभाग होता है । कापोंरेट विभाग दिन-प्रतिदिन न्यायालय की कार्यवाही से परे कम्पनियों के बीच के समझौते इत्यादी करवाता है ।

अधिकतर बड़ी कानून कम्पनियां भारत के सर्वश्रेष्ठ विधि विश्वविद्यालयों के छात्रों को नौकरियाँ देती हैं । इनमें मुख्य हैं अमरचंद मंगलदास सुरेश ए श्रॉफ, ए. जेड. बी. पार्टनर्स एवं लूथरा एण्ड लूथरा लॉ ऑफिसेज । विदेशी कम्पनियो में प्रमुख हैं लिंक लेटर्स अलायन्स एवं सिंगापुर की खट्टर एण्ड वांग।

भारत की सर्वश्रेष्ठ कानून कम्पनियों द्वारा दिया गया वेतन प्रति वर्ष ६ से १० लाख रुपयों तक पहुँच सकता है । विदेशी कम्पनियां कभी कभी १६ लाख तक का वेतन भी दे सकती हैं । यह वेतन केवल आरंभिक वेतन है और किसी भी अन्य व्यवसाय जैसे कि मैनेजमेंन्ट आदि से कहीं अधिक तीव्रता से बढ़ता है । ऐसी नौकरी में आप कम उम्र में ही बड़ी-बड़ी कम्पनियों के बड़े-बड़े लोगों से सम्पर्क में आ जाते हैं एवं बहुत महत्त्वपूर्ण मसलों का हल ढूंढते हैं । परंतु इस प्रकार के व्यवसाय में आगे बढ़ने की होड़ के कारण आपको अत्यधिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है । जितनी बड़ी कम्पनी, होड़ उतनी ही अधिक । एक कठिनाई और यह भी हो सकती हैं कि, आप एक ही तरीके के केस करते-करते अन्य क्षेत्रों में अपनी निपुणता खो दे ।