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कार्पोरेट काऊनसिल / कन्सल्टेन्सी
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विधि विश्वविद्यालयों से उपाधिकरण के बाद बहुत से विद्यार्थी बड़ी कम्पनियों के कानून विभाग में कार्य करते हैं । इस विभाग के कर्मचारी कम्पनी के संचालन में मुख्य भूमिका निभाते हैं । कम्पनी के अनेक अनुबन्ध इन्ही की सूझ-बूझ का फल होते हैं । ये लोग यह निर्धारित करते हैं कि कम्पनी का कार्य कानून की सीमाओं में चले और समय समय पर आने वाले कानूनी मसले सुलझते रहें । ऐसे वकील को व्यापार एवं विधि - शास्त्र दोनो की एक समान समझ होनी चाहिए । जी.ई. कैपिटल, आई. सी. आई. सी. आई. बँक, आई. टी. सी., आई. बी. एम., इन्फोसीस, सत्यम, विप्रो, डा. रेड्डी, बायोकॉन, के.पी.एम.जी. एवं एच.एल.एल. कुछ एसी व्यापारिक महाशक्तियाँ हैं जो कि समय - समय पर विधि विश्वविद्यालयों के छात्रों को नोकरीयाँ देती हैं ।

इस व्यवसाय में आरंभिक वेतन काफी अच्छा होता है और मैनेजमेन्ट ग्रैजुएट छात्र के वेतन जितना होता है । देखा गया है कि कई बार छात्र नौ लाख रुपए प्रतिवर्ष के वेतन स्तर पर अपनी पहली नौकरी करते हैं । इसके साथ-साथ कम्पनियाँ गाड़ी, घर इत्यादी जैसे अनेक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराती हैं । यहाँ शुरुआती वेतन अधिक होते हुए भी वेतन का स्तर मुकदमेबाज वेतन स्तर से धीरे बढ़ता है । यदि आप मेहनती हों तो कम्पनी इसका पूरा लाभ आपको देती है और आप कम्पनी के उच्च स्थानों तक पहुंच पाते हैं । यदि आप यह पथ चुनना चाहते हैं तो एक मैनेजमेन्ट डिग्री आपकी बहुत सहायता करेगी !