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कानून एवं व्यापार
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एक विधि विश्वविद्यालय से उपाधिकरण के पश्चात आपके पास जीवन के सभी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त निपुणता होती है । वाकचातुर्य, कठिनाइयों का सामना करना एवं प्रश्नो के उत्तर तलाशना, कुछ ऐसे गुण हैं जो व्यापार की दुनिया में अमूल्य हैं । यदि आप विधि-शास्त्र अध्ययन के पश्चात व्यापार जगत का भाग बनना चाहते हैं तो आपके पास तीन रास्ते हैं । हम इनके विषय में आपको विस्तृत जानकारी देंगे ।

१) पहला तरीका है कि आप विधि शास्त्र अध्ययन के तुरंत बाद व्यापार व्यवस्था से संबंधित नौकरी कर लें । विश्व के विकसित देशों के बेहतरीन विधि विश्वविद्यालयों में यह एक सामान्य प्रिक्रया है । परंतु हमारे देश में कम्पनियां ऐसा करने से कतराती हैं, उन्हें लगता है कि विधि - शास्त्र के अध्ययन के बाद व्यक्ति वकालत के अलावा कुछ भी नहीं कर सकता । उन्हें यह नहीं समझ आता कि विधि-विश्वविद्यालय सर्वप्रथम अपने छात्रों को चतुर बनाते हैं । साथ ही इस परेशानी को बड़ा करते हैं, विधि विश्वविद्यालय एवं उनके छात्र । छात्र स्वयं व्यापार संबंधी व्यवसाय करना उनके औदे के नीचे है । अत: केवल कानून संबंधी कम्पनियाँ इन छात्रो को व्यावसायिक अवसर प्रदान करती हैं ।

इन कठिनाइयों का केवल एक ही उत्तर है । आपको स्वयं अपनी रुचि का ध्यान रख के अपने लिए उचित व्यवसाय का चयन करना चाहिए । नौकरी के लिए दिए गये आपके आवेदन पत्र में यह स्पष्ट होना चाहिए की आप एक चतुर व्यक्ति हैं, जिसके पास विधि-शास्त्र का अतिरिक्त ज्ञान है ।

२) आपके पास दूसरा रास्ता है कि आप वकालत से संबंधित नौकरी से व्यापार व्यवस्था की नौकरी में चले जाएँ । कई बार ऐसा होता है कि किसी कम्पनी के कानून विभाग में कार्य करते समय आपको यह एहसास होता है कि आपकी रुचि व्यापार संबधित कार्य में है । यह परिवर्तन बहुत कठिन होगा और आपको अपनी कार्यशैली आदि सभी कुछ पुर्णत: परिवर्तित करना पड़ेगा । आपको यह कदम बहुत सोच-समझकर उठाना चाहिए । आपको इस परिवर्तन से पहले अधिक से अधिक भरोसेमंद लोगो से बात करनी चाहिए । आपको जिन बातों का ध्यान रखना है वह है :-

१) आपको व्यापार का कौनसा हिस्सा पसंद है ?
२) क्या आपको कोई-सा उद्याग मुख्यत: पसंद है ?
३) आपको अन्य लोगों को यह समझाना होगा कि आप अपने नए पेशे को निभा पाएँगे ।

३) आपका तिसरा विकल्प है एम.बी.ए. करना । आप ऐसा या तो विधि - विश्वविद्यालय से उपाधिकरण के तुरंत बाद कर सकते हैं या फिर कुछ वर्ष कार्य करने के बाद । हम आपको कुछ वर्ष कार्य करने की सलाह देंगे । यदि आप विदेश, मुख्यत: अमेरिका से एम.बी.ए. करना चाहते हैं तो आपको ३-४ वर्षों का कार्य-अनुभव होना चाहिए । भारतीय एम.बी.ए. बिना कार्य अनुभव के किया जा सकता है । भारतीय एम.बी.ए. में आपको गणित में निपुण होना आवश्यक है, क्योंकि प्रवेश परीक्षा में गणित के सवाल पूछे जाते हैं । यह बात कभी-कभी वकीलों के लिए कठिनाई बन जाती है । परंतु यह अवश्य सत्य है कि विधि-शास्त्र एवं एम.बी.ए. के संयोग को विश्वभर में महत्त्व दिया जाता है ।