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हमारे बारे में

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पांच साल और सैकड़ों सफल छात्र पुराना, LST १९९९ में के छात्रों द्वारा स्थापित किया गया था । परीक्षा की जटिल प्रक्रिया से स्वयं गुज़रने के कारण हमें लगा कि विधि-विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षा हेतु प्रशिक्षण देने वाली संस्था की तत्काल आवश्यकता है । हमें लगा कि इस संस्था लक्ष्य होना चाहिए विधि विश्वविद्यालयों की ओर कदम बढ़ा रहे छात्रों को मार्गदर्शन देना । इस लक्ष्य तक पहुंचने में सफल भी रहा है, यह सिध्द किया है ए एवं की प्रवेश परीक्षा में हमारे छात्रों की सफलता ने ।

के संस्थापक सदस्यों ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया है एवं अपार सफलता भी प्राप्त की है । सचिन मलहान ने वर्ष २००२ में से उपाधिकरण प्राप्त किया । सचिन के साथ ही दो अन्य संस्थापक सदस्यों, बदरी नटराजन एवं समीर सिंह ने उपाधिकरण प्राप्त किया । मम्ता सुन्दरा ने की बाल अवस्था में उसका साथ दिया । सचिन ने भारत की सर्व श्रेष्ठ वकालत कम्पनी ''अमरचंद मंगलदास'' के साथ कार्य किया है, अब सचिन अपनी पूरी कार्य-क्षमता के प्रति अर्पित करते हैं । एवं अपने सबसे प्रिय तीन क्षेत्रों - अर्थात् विधि, शिक्षा एवं प्रबंधकौशल में कार्य करते हैं । समीर, बदरी एवं ममता अब के प्रबंध के साथ न जुड़े होते हुए भी उसका मार्गदर्शन करते हैं । बदरी ने लण्डन के प्रसिध्द लंडन स्कूल ऑफ ईकनॉमिक्स से एल.एल.एम. की पढ़ाई की है और अब क्लिफर्ड चान्स नाम की अंग्रेज़ी कम्पनी, से जुड़ने वाले हैं । समीर ने की स्थापना में मुख्य भूमिका निभाई परंतु गौरवपूर्ण रोड्स स्कालरशिप नामक छात्रवृत्ति के साथ आक्सफर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ने चले गए । ममता सुनदरा सिंगापुर में ब्रिटिश टेलीकाम के साथ काम करती हैं ।

इन सबके साथ-साथ के अन्य मुख्य सदस्य हैं - रॉबिन लूईस जो की सभी गतिविधियों का मुख्य अंग हैं, श्रीमति पदमिनी मेनन, जोकि आप तक आपकी शिक्षा सामग्री समय पर पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करती हैं एवं श्री सेन्थिल कुमार जो कि पर दी गई जानकारी एवं अन्य सामग्री का ध्यान रखते हैं ।

तीन वर्षों तक भारत की बड़ी-बड़ी कम्पनियों में कार्य करने के बाद श्री भाविन पटेल ने २००५ में से अपना रिश्ता जोड़ा । श्री पटेल ने २००२ में से उपाधिकरण प्राप्त किया था । श्री पटेल इस बात का ध्यान रखते हैं कि जानकारी का एक ऐसा स्त्रोत बने जो विधि शास्त्र अध्ययन के अभिलाषी एवं विधि शास्त्र के छात्र, सभी की सेवा कर पाए ।

आज एक ऐसी संस्था के रूप में सामने आ रही है जो भारत के प्रत्येक उस व्यक्ति को जो विधि-शास्त्र से संबंधित है, अपनी सेवाओं से सहयोग प्रदान करती है ।