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विधि-शास्त्र क्यों पढ़ें ?

क्या आपने कभी किसी वकील से पूछा है कि उसे वकालत क्यों पसंद है ? मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि वह आपको अनेक कारण दे सकता है, परंतु मुख्य कारण होगा कि - वकालत के माध्यम से वह इन्साफ का हिस्सा बनता है ।

वकीलों के विषय में सामान्य धारणा हिन्दी फिल्मों के माध्यम से बनती है जिसके कारण हमारे मन में वकीलों की छवि इस प्रकार होती है -
काला कोट पहने हुए ''मी लॉर्ड'' चिल्लाता सामाजिक आदमी । हममें से अधिकतकर लोगों ने अपनी जीवन चर्या का चुनाव करते समय वकालत के विषय में सोचा भी नहीं होता । परंतु गत दस वर्षों में इस सामान्य धारणा में अत्याधिक परिवर्तन आया है । आज विधि-शास्त्र का अध्ययन विद्यार्थी को सुनहरे कल का विश्वास दिलाता है और यह संभव हुआ है NLSIU Bangalore, NUJS Kolkata, NALSAR Hyderabad, NLU Jodhpur, NLIU Bhopal जैसे विश्व-स्तरीय विधि-विश्वविद्यालयों के कारण । यह विश्वविद्यालय अपने छात्रों को पांच वर्षों की अवधि का ऐसा पाठ्यक्रम देते हैं जिसमें एक छात्र को एक सफल जीवन देने के लिए सभी सामग्री होती है ।

विश्व में सदा कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कि दूसरों का नेतृत्व कर आगे रहते हैं। विविध-शास्त्र के छात्र होने के कारण हम अपने अनुभव से कह सकते हैं कि भारत के सर्वोच्च विधि-विश्वविद्यालय आपको हमेशा आगे रहकर अपने साथियों का पथ-प्रदर्शन करना सिखाएँगे । आप सवालों के जवाब ढूंढ पाएँगे और इन जवाबों को प्रत्यक्ष रूप देने में सफल हो पाएँगे । आप एक बेहतर कल बनाने में सफल होंगे । चाहे आप भारतीय सर्वोच्च न्यायालय में हों या फिर उद्योग जगत में आप एक सुनहरे कल के लिए बदलाव अवश्य लाएँगे ।

भारत के सर्वोच्च विधि-विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्रों ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त की है । ये छात्र भारत के सर्वोच्च न्यायालय एंव बेहतरीन कम्पनियों, संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न अंगों एवं आक्सफोर्ड और हार्वर्ड जैसे प्रसिध्द विश्वविद्यालयों में अपनी साख जमाने में सफल हुए हैं । आपराधिक कानून जैसे परम्परागत क्षेत्रों के अलावा पांच वर्षों का पाठ्यक्रम छात्रों को कम्पनी विधि एवं पर्यावरण विधि जैसे नए क्षेत्रों से परिचित कराता है । अंतत:, पांव वर्षों के इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत अध्ययन करने के पश्चात छात्र वकालत ही नहीं, व्यापार, समाज सेवा, अथवा चातुरिपूर्ण राजनीतिक संचालन जैसे क्षेत्रों में भी सफलता प्राप्त कर सकता है । नैशनल लॉ स्कूल से उपाधिकरण प्राप्त करने वाले इस वर्ष के छात्रों को प्प्ड के छात्रों के स्तर का वेतन प्राप्त हुआ । यह निसंदेह है कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी विधि-शास्त्र का वादा बहुत पक्का है ।

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